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अनंत कोटी ब्रम्हांडनायक राजाधिराज योगीराज परं ब्रम्हं श्री सच्चिदानंद सदगुरु श्री साईनाथ महाराज की जय


जो मानव अपनी की हुई गलतियों के लिये शर्मिंदा होता हैं , जिसे यह आभास होता हैं की जो उसने किया वह गलत हैं और जिसके अंदर पश्चाताप की भावना होती हैं , वह मानव उस परवरदिगार की नज़रों मे बेकसूर होता हैं ।
वही दूसरी तरफ़ जो मानव बार - बार गलतियों को दोहराता हैं, जिसके अंदर शर्म और पश्चाताप नहीँ हैं, वह भले ही दुनियाँ की नज़रों मे अच्छा हो, उस परवरदिगार की नज़रों मे वह दंडनीय हैं ।

 

सबका मालिक एक
ॐ साईं राम

अतीत पे धयान मत दो, भविष्य के बारे में मत सोचो, अपने मन को वर्तमान क्षण पे केन्द्रित करो।

सबका मालिक एक
ॐ साईं राम

पाप और पुण्य दोनो हमारे हाथ मे हैं , परंतु उसका परिणाम या फल उस परवरदिगार के हाथ मे हैं ।
वो हर जगह हैं और तुम्हारे एक एक कर्म का लेका जोखा उसके पास हैं ।
कभी कभी जब पाप धरती पर ज्याद भड़ जाता हैं तो उस परवरदिगार को किसी न किसी रूप मे अवतार लेना ही पड़ता हैं ।
कोई उसे ईसा कहता हैं तो कोई नानक ,
कोई राम तो रहमान ,
कोई बुद्ध तो कोई कृष्णा और कोई साईंबाबा 

सबका मालिक एक
ॐ साईं राम

इस पृथ्वी तल पर जो भी रचना है, वह बेकार नहीं है। विधाता ने बड़ी ही सूझ-बूझ से रचना की है और कहीं न कहीं प्रकृति के जीवन चक्र से जुड़ी है। इसे नष्ट करने की कोशिश बहोत खतरनाक होती है, वृक्ष काटे जाने से पशु-पक्षी कम होते हैं तथा अति-वृष्टि, अकाल का सामना करना पड़ता है। सागर के साथ मनमानी तरीके से छेड़-छाड़ करना तूफान का कारण बनता हैं ।
यह प्रकिति कुदरत की देन हैं इसका ख़याल तुम रखोगे तो यह तुम्हारा ख़याल रखेगी ।

 

सबका मालिक एक
ॐ साईं राम

अपने मन को उस अल्लाह / ईश्वर का घर बना लो , उसमे भक्ति रूपी दिया रख , श्रद्धा रूपी तेल डालो और विश्वास की ज्योति जला लो ।
और फ़िर तुम्हारे जीवन मे सुख और ज्ञान का प्रकाश अपने आप प्रजल्वीत हो उठेगा । 

सबका मालिक एक
ॐ साईं राम

जब कोई मानव दुखी होता है तो बहुत से लोग, रिश्तेदार, मित्र आते हैं अफसोस करते हैं और चले जाते है । लेकिन सच्चा मित्र, सच्चा सारथी वही कहलाता है जो उस दुख को समझने के साथ-साथ, उसे बांटने की कोशिश करें, उसे कम करने की कोशिश करें ।

सबका मालिक एक
ॐ साईं राम

बेवजह किसी को बुरे शब्द मत बोलो, किसी का दिल मत दुखाओ ।
वो कुदरत और परवरदिगार सर्वशक्तिमान है ।
किसी मासूम और निर्दोष का दिल दुखाओगे तो वो कुदरत अपने आप तुमसे हिसाब मांगेगी ।

 

सबका मालिक एक
ॐ साईं राम

सफलता हासिल करनी है तो मेहनत करो, बिना मेहनत के कोई भी कार्य संपूर्ण नही होता। हरी भरी फसल ऐसे ही उत्पन नही होती, माली को पहले बीज बोना पड़ता है, फिर कड़ी मेहनत करनी पड़ती है, फिर उसमें पानी डालना पड़ता है तब जाकर एक पौधा उतपन होता है।

सबका मालिक एक
ॐ साईं राम

बुराई का साथ देने वाला बुरा ही होता है और अच्छाई का साथ देने वाला अच्छा । जो बुरा होता है वह जितनी मर्जी मीठी बातें कर ले, उसका सच एक ना एक दिन समाज के सामने अवश्य आता है ।
बुराई जितनी मर्जी बलवान क्यों ना हो वह अच्छाई को कभी हरा नहीं पाएगी ।

सबका मालिक एक
ॐ साईं राम