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अनंत कोटी ब्रम्हांडनायक राजाधिराज योगीराज परं ब्रम्हं श्री सच्चिदानंद सदगुरु श्री साईनाथ महाराज की जय


इस पृथ्वी तल पर जो भी रचना है, वह बेकार नहीं है। विधाता ने बड़ी ही सूझ-बूझ से रचना की है और कहीं न कहीं प्रकृति के जीवन चक्र से जुड़ी है। इसे नष्ट करने की कोशिश बहोत खतरनाक होती है, वृक्ष काटे जाने से पशु-पक्षी कम होते हैं तथा अति-वृष्टि, अकाल का सामना करना पड़ता है। सागर के साथ मनमानी तरीके से छेड़-छाड़ करना तूफान का कारण बनता हैं ।
यह प्रकिति कुदरत की देन हैं इसका ख़याल तुम रखोगे तो यह तुम्हारा ख़याल रखेगी ।

 

सबका मालिक एक
ॐ साईं राम

अपने मन को उस अल्लाह / ईश्वर का घर बना लो , उसमे भक्ति रूपी दिया रख , श्रद्धा रूपी तेल डालो और विश्वास की ज्योति जला लो ।
और फ़िर तुम्हारे जीवन मे सुख और ज्ञान का प्रकाश अपने आप प्रजल्वीत हो उठेगा । 

सबका मालिक एक
ॐ साईं राम

जब कोई मानव दुखी होता है तो बहुत से लोग, रिश्तेदार, मित्र आते हैं अफसोस करते हैं और चले जाते है । लेकिन सच्चा मित्र, सच्चा सारथी वही कहलाता है जो उस दुख को समझने के साथ-साथ, उसे बांटने की कोशिश करें, उसे कम करने की कोशिश करें ।

सबका मालिक एक
ॐ साईं राम

बेवजह किसी को बुरे शब्द मत बोलो, किसी का दिल मत दुखाओ ।
वो कुदरत और परवरदिगार सर्वशक्तिमान है ।
किसी मासूम और निर्दोष का दिल दुखाओगे तो वो कुदरत अपने आप तुमसे हिसाब मांगेगी ।

 

सबका मालिक एक
ॐ साईं राम

सफलता हासिल करनी है तो मेहनत करो, बिना मेहनत के कोई भी कार्य संपूर्ण नही होता। हरी भरी फसल ऐसे ही उत्पन नही होती, माली को पहले बीज बोना पड़ता है, फिर कड़ी मेहनत करनी पड़ती है, फिर उसमें पानी डालना पड़ता है तब जाकर एक पौधा उतपन होता है।

सबका मालिक एक
ॐ साईं राम

बुराई का साथ देने वाला बुरा ही होता है और अच्छाई का साथ देने वाला अच्छा । जो बुरा होता है वह जितनी मर्जी मीठी बातें कर ले, उसका सच एक ना एक दिन समाज के सामने अवश्य आता है ।
बुराई जितनी मर्जी बलवान क्यों ना हो वह अच्छाई को कभी हरा नहीं पाएगी ।

सबका मालिक एक
ॐ साईं राम

अपने मन में अगर तुम किसी के प्रति ईर्ष्या जगाते हो, किसी के प्रति बुरा सोचते हो, तो तुम्हारा कभी कल्याण नहीं होगा । जब तक तुम इस ईर्ष्या रूपी दीमक को अपने शरीर से निकाल नहीं देते, तब तक तुम्हारा आध्यात्मिक उद्धार कभी नहीं होगा ।

सबका मालिक एक
ॐ साईं राम

जो लोग अहंकारी होते हैं, उनके अपने भी उनका साथ नहीं देते ।
हमेशा याद रखो नम्र बनोगे तो लोग नमन करते हुए सहयोग देंगे । अहंकार अपने अंदर जगाओगे तो तुम्हारे अपने भी तुम्हें पीठ दिखा कर चले जाएंगे ।

सबका मालिक एक
ॐ साईं राम

मनुष्य की पहचान उसके कपड़ो से नही बल्कि उसके आचरण से होती हैं ।
मेहन्गे वस्त्र पहने हो , सोने - चाँदी से लदा हुआ क्यों ना हो, जो एक गरीब का पेट ना भर सके वो काहे का अमीर ?
वही जो खुद झोंपड़ी मे रहता हो , पर अपने से पहले औरों का सोचता हो , भूके को खाना खिलाता हो , दुखियो की मदद करता हो , वही मेरी नज़र मे सबसे बड़ा अमीर हैं ।

सबका मालिक एक
ॐ साईं राम